गणेश विसर्जन के दौरान हादसा: दुर्ग में आरक्षक शशिकांत यादव ने दिखाई वीरता, किशोरी की बचाई जान

नंदिनी/अहिवारा। दुर्ग जिले के नंदिनी थाना में पदस्थ आरक्षक शशिकांत यादव (बैज नं. 795) ने अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए एक किशोरी की जान बचाकर मिसाल पेश की। यह घटना 6 सितंबर 2025 को दोपहर लगभग 12:30 से 1:00 बजे के बीच शिवनाथ नदी में गणेश विसर्जन के दौरान हुई।
मिली जानकारी के अनुसार, विसर्जन स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, पुलिसकर्मी और अधिकारी मौजूद थे। इसी दौरान अचानक वैष्णवी सेन नाम की किशोरी का पैर फिसल गया और वह नदी की तेज धार में बहने लगी। देखते ही देखते मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
स्थिति को गंभीर होते देख नंदिनी थाने के आरक्षक शशिकांत यादव ने बिना देर किए अपनी जान की परवाह किए बिना नदी में छलांग लगा दी। उन्होंने तेज धारा से संघर्ष करते हुए किशोरी को पकड़ लिया और सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
इस साहसिक कार्य के प्रत्यक्षदर्शी एएसआई सूरजभान, मौके पर तैनात पुलिस बल और आमजन रहे। किशोरी के सुरक्षित बाहर आने पर लोगों ने राहत की सांस ली और आरक्षक यादव की वीरता की जोरदार सराहना की।
स्थानीय लोगों ने उन्हें “वास्तविक नायक” की उपाधि दी। आरक्षक का यह साहसिक कदम न केवल एक जीवन बचाने वाला रहा बल्कि पुलिस विभाग की सेवा भावना और जनता के प्रति समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण भी बना।
ऐसे कार्य समाज में पुलिस की सकारात्मक छवि को मजबूत करते हैं और नागरिकों के मन में सुरक्षा और भरोसे की भावना को और गहरा करते हैं।














